Wednesday, March 9, 2011

एक नया एहसाश

एक नया एहसाश है ये
प्यार से भरा
संजोग से मिला
अन्कही नासा सा है ये

आशाओं की एक लेहेर सी है
उमीदों की एक किरण सी है
ये दौर कुछ ऐसा है
की हर तरफ एक खुसी सी है

ना जाना था इशे कभी
ना समझा था इशे कभी
ये एहसाश नया है
जो हो रहा है मुझे अभी

हर दर्द मैं मज़ा आने लगा है
हर दिन अब नया लगने लगा है
अब कुछ होश नहीं है
ना जाने मुझे क्या होने लगा है

ख्वाबों मैं दिन काटने लगी हूँ
रातों को करवटें बदलने लगी हूँ
नींद खोके भी
सपननो मैं खोने लगी हूँ

जन्नत की एक झलक सी है
रूह मैं जैसे सुकून सी है
ये दौर कुछ ऐसा है
की हर तरफ खुसी सी है

एक नया एहसाश है ये

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